मैं शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप पिछले 18 वर्षों से सनातन वैदिक के धर्म प्रचार-प्रसार, गंगा की सफाई, नदियों के मुक्त प्रवाह के साथ-साथ नदियों के पुनर्जीवन, गोमाता संरक्षण, लड़कियों की शिक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और सनातन धर्म के प्रति सार्वजनिक जागरूकता के कार्यों में शामिल रहा हूं। मैं अपने देश के साथ-साथ विदेशों में भी विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहा हूं।

मेरा जीवन सनातन धर्म के मूल्यों को पुनर्स्थापित करने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा पहुँचाने के लिए समर्पित है। धर्म केवल मंदिर तक सीमित नहीं है, वरन यह मानवता की सेवा और राष्ट्र निर्माण का सक्रिय मार्ग है। इसी भाव से मैंने अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया है।